सुखी नहरे ख़ामोश प्रशासन
जौनपुर: जनपद में इस समय भयंकर सूखे से जूझ रहा है यद्यपि सूखे का प्रभाव समूचे जनपद की सभी तहसीलों में है किंतु केराकत तहसील में सूखे का प्रभाव सर्वाधिक है। यहां सिंचाई के नाम पर शारदा सहायक की दो राजबहा प्रवाहित हैं। एक चोलापुर राजबहा और दूसरी दानगंज राजबहा। जनवरी 2024 से आज तक इन दोनों नहरों में एक बूंद भी पानी नहीं आया। मुख्य अभियंता शारदा सहायक से लेकर सहायक अभियंताओं तक जब जब किसानों द्वारा प्रश्न किया जाता है तो यह लोग कहते हैं कि ऊपर से जब पानी मिल ही नहीं रहा है तो हम किसानों की सिंचाई के लिए पानी कहां से लाए ।
ऊपर की बात कहकर ये आधिकारी किसके लिए संकेत करते हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी के लिए बात करते हैं या मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की बात करते हैं कि यह लोग ही पानी नहीं दे रहे हैं। किसानों का दुर्भाग्य है कि इस क्षेत्र में इन नहरों के अलावा भी सिंचाई की एक व्यवस्था है । गोमती नदी में टंडवा और भैंसा गांव में दो लिफ्ट कैनाल भी हैं लेकिन इनसे भी पानी नहीं मिल रहा है। इन सबके बावजूद कहीं से भी किसानों को सिंचाई के लिए कोई राहत नहीं मिल रही है । फसले सुख रही हैं अगर यही स्थिति बनी रही तो नवंबर तक क्षेत्र में आम जीव – जंतुओं के लिए पीने का पानी भी मयस्सर नहीं होगा। पशु के लिए और पक्षी के लिए तो भयंकर समस्या उत्पन्न हो जाएगी। इसलिए अब भी समय है सरकार इस पर विचार करें और तुरंत रजबहा में पानी देने की व्यवस्था कराई जाए।












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