अद्भुत व्यक्तित्व के धनी थे अर्जुन राम

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जौनपुर। अर्जुन राम ने जिस समय बृजेश इंटर कॉलेज गुलालपुर की नींव राखी, उस समय जिले में शिक्षा संस्थानों की काफी कमी थी। एक प्रकार से अभाव ही था। शिक्षा संस्थान का संचालन काफी खर्चीला और श्रमसाध्य भी था। ऐसे वक्त में अर्जुन राम ने वक्त को चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए, कॉलेज का संचालन प्रारंभ किया।
यह विचार जी स्व० यादव जी की 130 वीं जन्मतिथि पर आयोजित सभा में मुख्य अतिथि पंडित सभा नारायण चतुर्वेदी एडवोकेट ने व्यक्त किया।

आपका यह भी कहना था कि अर्जुन राम कुछ साधु स्वभाव के व्यक्ति तो थे ही, वह अवधूत विचारधाराओं से प्रभावित भी थे।

उनका कहना था –

मत मिले तो मेला
चीत मिले तो चेला
नहीं सबसे भला अकेला

इसके बाद संस्थापक के पौत्र श्री प्रकाश यादव ने अपने बाबा के विचारों और अच्छे कार्यों पर काफी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा की शिक्षा सबको मिले और ज्यादा से ज्यादा लोग विद्यालय खोल करके समाज को भावी पीढ़ी को आगे बढ़ाने में मदद करें। यही सबसे बड़ा काम है।

इस कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ जयप्रकाश सिंह और मुख्य अतिथि सभा नारायण चतुर्वेदी ने कार्यक्रम के प्रारंभ में अर्जुन राम के मूर्ति पर माल्यार्पण किया।
अंत में कार्यक्रम में पधारे तमाम लोगों को अध्यक्ष एवं प्रधानाचार्य डॉक्टर जयप्रकाश जी ने साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि आज के इस कार्यक्रम से लगा कि अर्जुन राम जी का प्रयास फूल – फल रहा है।

कार्यक्रम का संचालन श्री प्रकाश जी ने किया।

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