जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न

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जौनपुर। बैठक में जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए आयुष्मान कार्ड के निर्माण एवं वितरण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र लाभार्थियों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आयुष्मान कार्ड निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी संबंधित विभागों एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान चलाकर निर्धारित समयावधि में शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं के लंबित एवं नियमित भुगतान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी देय भुगतान समयबद्ध ढंग से किए जाएं। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद की सभी एम्बुलेंसों पर ऐसे स्टीकर लगाए जाएं, जिनमें एम्बुलेंस के भीतर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का स्पष्ट विवरण अंकित हो। साथ ही शिकायत एवं सुझाव दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन/शिकायत नंबर भी प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने एम्बुलेंस के इंटीरियर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं बेहतर स्थिति में बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त सभी सरकारी अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने जनपद में प्लेटलेट्स की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से वर्तमान स्टॉक एवं उपलब्धता की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेंगू एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए प्लेटलेट्स तथा अन्य आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए, जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने सभी चिकित्सा अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उनके क्षेत्राधिकार में कोई भी अस्पताल बिना वैध पंजीकरण के संचालित नहीं होना चाहिए।

बैठक में जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि जनपद के सभी सरकारी अस्पतालों में सर्पदंश के उपचार हेतु एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सर्पदंश के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि आशा एवं एएनएम गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करें कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तत्काल निकटतम सरकारी अस्पताल पहुंचें, जहां निःशुल्क एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध है। साथ ही लोगों को समय पर चिकित्सकीय उपचार लेने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि सर्पदंश से होने वाली मृत्यु एवं गंभीर जटिलताओं को रोका जा सके।

जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सकों को निर्देशित किया कि वे मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं सेवाभाव का दृष्टिकोण अपनाते हुए गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए तथा उन्हें समयबद्ध एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं।

मौसमी एवं संचारी रोगों की रोकथाम के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को जनपद में नियमित रूप से फॉगिंग, एंटी लार्वा का छिड़काव तथा झाड़ियों की कटाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई, जलभराव की समस्या एवं मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे डेंगू, मलेरिया एवं अन्य संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को उबालकर अथवा स्वच्छ एवं सुरक्षित पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाए तथा उन्हें व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी दी जाए।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारीगण, जनपद के समस्त चिकित्सा अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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