30वें दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास सम्पन्न, कुलपति ने बारीकी से परखी व्यवस्थाएं

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83 मेधावियों को मिलेंगे 84 पदक, 339 शोधार्थियों को पीएचडी एवं एक को डीएससी की उपाधि
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में मिनट-टू-मिनट निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सम्पन्न हुआ। पूर्वाभ्यास में समारोह की प्रत्येक गतिविधि का क्रमवार अभ्यास किया गया, ताकि मुख्य समारोह का संचालन सुव्यवस्थित, गरिमापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से किया जा सके।

विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह 27 जुलाई (सोमवार) को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित होगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में मेजर जनरल गौरव गौतम (अति विशिष्ट सेवा मेडल), अपर महानिदेशक, एनसीसी (उत्तर प्रदेश) उपस्थित रहेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय अतिविशिष्ट अतिथि तथा राज्य मंत्री (उच्च शिक्षा) श्रीमती रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित रहेंगी।

दीक्षांत समारोह में 83 मेधावी विद्यार्थियों को 84 पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही 339 शोधार्थियों को पीएचडी तथा एक डीएससी (डॉक्टर ऑफ साइंस) की उपाधि प्रदान की जाएगी।

कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने पूर्वाभ्यास के दौरान दीक्षांत समारोह की गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने समारोह को और अधिक सुव्यवस्थित, गरिमामय एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा, ताकि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की गरिमा के अनुरूप सफलतापूर्वक सम्पन्न हो।

पूर्वाभ्यास में मुख्य अतिथि की भूमिका प्रो.आलोक सिंह ने निभाई। राज्यपाल एवं कुलाधिपति की भूमिका डॉ अनू त्यागी और उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय की भूमिका प्रो. सौरभ पाल तथा राज्य मंत्री (उच्च शिक्षा) श्रीमती रजनी तिवारी की भूमिका डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने निभाई।
पूर्वाभ्यास के दौरान अतिथियों के आगमन, शैक्षणिक शोभायात्रा, मंचासीन होने, दीप प्रज्ज्वलन, उपाधि एवं पदक वितरण सहित समारोह के विभिन्न चरणों का निर्धारित समय के अनुरूप अभ्यास किया गया। संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप व्यवस्थाओं को परखा।

प्राइमरी के नन्हे-मनोरथों को स्कूल बैग, फल, ड्राई फ्रूट जामेट्री बॉक्स तथा महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें भेंट का रिहर्सल कराया गया। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए कुकड़ीपुर, देवकली, सुल्तानपुर और जासोपुर,जफरपुर गांवों में आयोजित खेलों के प्रथम तीन विजेताओं को भी राज्यपाल के हाथों विशेष पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके बाद 15 स्कूली बच्चे देशभक्ति और लोकगीत 3 बच्चे पर्यावरण और जलबचाव पर गीत सुनाया। बच्चों को रिहर्सल कराने में एनसीसी समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव, प्रो, राकेश यादव, डॉ. राजबहादुर यादव ने सराहनीय भूमिका निभाई।

कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए जारी दिशा-निर्देशों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समारोह की गरिमा एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी विद्यार्थी और शोधार्थी विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें।

उन्होंने बताया कि मुख्य समारोह में प्रवेश केवल परिचय-पत्र के आधार पर दिया जाएगा। समारोह स्थल पर पेन, बैग, कैमरा, मोबाइल फोन, अस्त्र-शस्त्र एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। समारोह में भाग लेने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना भी आवश्यक होगा।

दीक्षांत समारोह के पूर्वाभ्यास का संयोजन प्रो. अविनाश ने किया तथा संचालन प्रो. मनोज मिश्र ने किया। इस अवसर पर समारोह से जुड़ी विभिन्न समितियों के पदाधिकारी, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और अपने-अपने दायित्वों से संबंधित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।

इस अवसर पर वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अविनाश पार्थीडेकर, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. राजकुमार, प्रो. संतोष सिंह, प्रो. अजय दूबे, प्रो. अजय द्विवेदी, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर समेत कार्य परिषद और विद्या परिषद के लोग उपस्थित थे।

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