स्वतंत्रता दिवस पर विशेष : आजादी के लिए बड़ी कुर्बानी देनी पड़ी – बाबा श्याम बिहारी त्रिपाठी

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जौनपुर –  बाबा गणेशदत्त डिग्री कॉलेज रत्तीपुर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह 15 अगस्त 2024 को छात्र-छात्राओं, अध्यापकों, क्षेत्रीय नागरिकों और पत्रकारों को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्रबंधक बाबा श्याम बिहारी त्रिपाठी ने कहा कि यह आजादी हमें ऐसे नहीं मिली है। इसके लिए बड़ी कुर्बानी देनी पड़ी। 94 वर्षीय त्रिपाठी जी ने बताया कि हमने 1942 में अंग्रेजों का दमनकारी रूप देखा है इस वक्त मैं मिडिल क्लास में पढ़ रहा था भैया बांके बिहारी महंत को खादी का कपड़ा पहनने के कारण जेल में बंद कर दिया गया था ननिहाल हरदीपुर के ₹50 लोग बंद थे मामा त्रिभुवन पाण्डेय का पूरा परिवार दशन लोग कारागार में थे जिले के बड़े नेता पंडित अभिजीत दुबे, रामनरेश सिंह, पंडित भगवती दिन तिवारी, हरगोविंद सिंह राय, अंबिका सिंह, द्वारिका प्रसाद मौर्य, बाबू राजदेव सिंह, पंडित सूर्यनाथ उपाध्याय, पंडित रामशिरोमणि दुबे, पंडित नागेश्वर द्विवेदी, पंडित शिवकुमार शर्मा, रामचेत सिंह, रूद्रदत्त गिरी, पंडित रमेश शर्मा, राज किशोर तिवारी, रमाकांत पाण्डेय, शिव प्रसाद पाण्डेय , मोहन पाण्डेय , जनार्दन पाण्डेय, चंद्र मौली मिश्रा, विश्वनाथ, राजाराम मिश्रा इस जिले के एक ख्यातिलब्ध पत्रकार बाबू रामेश्वर प्रसाद सिंह संपादक साप्ताहिक समय की बहुत प्रशंसा की गई।

एक दरोगा ने तो उनको  बूटों से पीटा लेकिन बहादुर रामेश्वर सिंह ने इतना देश के प्रति जुनून था कि उन्होंने उफ नहीं किया वे लोग जिन्होंने जान देकर देश को आजाद कराया। वो आज तो नहीं है लेकिन उनको याद किया जाता है इस याद के लिए यह 15 अगस्त का त्यौहार मनाया जाता है। बाबा श्याम बिहारी तिवारी ने बताया है कि जब हम जेल में भैया बांके बिहारी को देखने जाते थे तो वहां हम उसे समय स्वरचित कविता सुनाते थे लोग कविता सुनकर रोने लगते थे।वह कविता उदाहरण के लिए मैं फिर कह रहा –

जेलवा के सुख ना भुलाई कहा
कैसे घरवा हम आए
गेहूं और चनवा के रोटियां मिले
जहां दलिया में तेल दे मिलाई
धारा हमको हवा से आई
पनिया के चुरवल सगवा मिले जहां
ओढ़े के फटही रजाई कहां, घरवा हम कैसे जाई।

अंत में उन्होंने बच्चों को कहा कि मेहनत से पढ़ो और आगे बढ़ो। कॉलेज के व्यवस्था प्रमुख अवधेश त्रिपाठी ने बच्चों को सचेत किया कि सरकार ने पढ़ाई की मदद के लिए आपको मोबाइल तो दिया है लेकिन आप लोग इसका उपयोग केवल शिक्षा के लिए ही करिए इंसान का बड़ा शत्रु भी है इसको ज्यादा इस्तेमाल करने से कान, आंख और शरीर के अन्य अंगों पर दुष्प्रभाव पड़ता है विचार भी गंदे हो जाते हैं । इस अवसर अवसर पर सर्व श्री लल्लन तिवारी, डॉक्टर दिग्विजय सिंह कुमारी, अर्चना पूर्व प्राचार्य डॉक्टर शुक्ला तथा पत्रकार श्याम नारायण पांडेय ने भी अपना विचार व्यक्त किया। क्षेत्र के प्रमुख लोगों में सरपंच मायाराम यादव भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में बालक बालिकाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति और प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम सराहनीय रहे । समूचे आयोजन की सफल व्यवस्था पंडित अवधेश त्रिपाठी के निर्देशन में की गई थी। पूरे कार्यक्रम का संचालन बड़े आकर्षक ढंग से शेरो शायरी के साथ डॉक्टर विजय बहादुर यादव ने किया।

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