–सतीश चन्द्र शुक्ल सत्पथी
जौनपुर। देश प्रदेश में विभिन्न संगठन अपने-अपने नैतिक सिद्धांतों और आदर्शों के अनुरूप सरकारों से अपनी समस्याएं को सुलझाने का सशक्त माध्यम है संगठन ना हो तो सरकारें तानाशाही और मनमानी करती हैं और दमनात्मक उत्पीड़न होता है ऐसी दशा में संगठन का होना नितांत आवश्यक है इसी क्रम में चाहे विश्वविद्यालय हो कॉलेज हो हर जगह छात्रों का संगठन छात्र नेता की उपज का माध्यम पत्रकारों के संगठन पत्रकार की बातों के मनवाने का सशक्त माध्यम है किसी भी विभाग में संगठन समस्याओं को ढंग से पटल पर रखे जाने का सशक्त आधार होता है और अपने हक की लड़ाई लड़कर मूलभूत आवश्यकताओं को समझाने का कराने का एक सशक्त माध्यम व शक्ति केवल और केवल संगठन ही होता है बात की आवश्यकता तब पड़ी है जब हमने जौनपुर जनपद में पत्रकारों के विभिन्न संगठनों के माध्यम से पत्रकार कल्याण हेतु निरंतर किए जाने वाले प्रयासों पर गंभीरता से अध्ययन किया तो यह पाया गया कि सभी संगठन पत्रकारों की संरक्षा सुरक्षा और उनके अभिव्यक्ति की आजादी को दिलवाने का सशक्त माध्यम बनते दिखाई दे रहे हैं।
पत्रकारों की पेंशन हो जाए उनका आयुष्मान कार्ड बन जाये उन्हें रेलवे और बसों में मुफ्त यात्रा का प्रावधान किया जाए छोटे-छोटे तहसील के गांव में कार्य करने वाले पत्रकार और जिले में बैठे पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान की जाए विभिन्न तरह की मांगों को लेकर तमाम संगठन सक्रिय है जौनपुर जनपद में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संजय अस्थाना क्रान्तिकारी पत्रकार परिषद के अनिल दूबे आजाद मीडिया ट्रस्ट आप इंडिया के विरेन्द्र मिश्र विराट वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के विजय प्रकाश मिश्र श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जय आनन्द प्रेस क्लब के शम्भू सिंह आइडियल जर्नलिस्ट एसोसिएशन के डा0प्रमोद वाचस्पति सम्पादक मंडल के राकेश कान्त पाण्डेय पत्रकार संघ के शशि मोहन सिंह क्षेम सभी पत्रकार उत्पीड़न न हो पत्रकारों को सरकार वेतन दे उनका स्वास्थ्य बीमा हो आयुष्मान कार्ड बने आदि मांगों पर कार्य कर रहे हैं सभी संगठनों का कार्य करने की विधि एक है।
संगठन के माध्यम से सरकार को प्रेषित ज्ञापन निरंतर दिए जाने के बावजूद भी सरकार किंकर्तव्यविमूढ़ होकर पत्रकारों की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है यह गंभीर चिंतन का विषय है जनपद के वरिष्ठ पत्रकार एवं भारतीय जननायक पार्टी के जिला अध्यक्ष सतीश चंद्र शुक्ल सत्पथी ने पत्रकारों के हितों के लिए प्रेस काउंसिल आफ इंडिया एवं निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग लखनऊ से मांग किया कि करोना काल के पूर्व पत्रकारों को रेलवे में 50% की मुफ्त रेल यात्रा को पूरा बहाल किया उनका आयुष्मान कार्ड और स्वास्थ्य बीमा होना नितांत आवश्यक है लेकिन सरकार इस दिशा में गंभीर नहीं है यह बहुत बड़ी चुनौती है।

पत्रकारों के समक्ष कि जान जोखिम में रखकर वह समाचारों का संकलन करते हैं और अधिकारियों राजनेताओं पुलिस प्रशासन की निरंतर किरकिरी हुआ करते हैं ऐसे में पत्रकारों के विभिन्न संगठनों की पत्रकार हित में किए गए मांगों को उचित और पारदर्शी ठहराते हुए श्री शुक्ल सत्पथी ने कहा कि वर्तमान समय की यह सबसे बड़ी समस्या है कि सरकारें लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की निरंतर अवहेलना करती जा रही है जिसके लिए अध्यक्ष प्रेस काउंसिल आफ इंडिया से विनम्र अनुरोध है कि वह सरकार को पत्रकारों के हित में उचित एवं प्रभावी सुझाव देने का कष्ट करें ताकि पत्रकारों की अस्मिता से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न किया जा सके ।












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