जौनपुर। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में शुक्रवार देर सायं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्षवार निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुनिश्चित करें कि अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ न मिले।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा मनरेगा योजना की भी समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की कि मनरेगा के अंतर्गत कितने मानव दिवस (मैन डेज़) सृजित किए जा रहे हैं तथा श्रमिकों को समय से भुगतान सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकाधिक रोजगार उपलब्ध कराने हेतु मनरेगा कार्यों में तेजी लाई जाए तथा विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाए।
जिलाधिकारी द्वारा पौधरोपण कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की गई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि अभी से गड्ढा खुदान एवं पौध तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाए तथा नर्सरियों का निरीक्षण कर पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में व्यापक स्तर पर पौधरोपण की अपार संभावनाएं हैं, इसलिए खंड विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में उपयुक्त पैच चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही समय से पूर्ण करें।
इसके साथ ही जिलाधिकारी द्वारा फॉर्मर रजिस्ट्री की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान सबसे कम प्रगति वाले विकास खंडों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित खंड विकास अधिकारियों को प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य शासन की प्राथमिकता में है, अतः सभी अधिकारी लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने समस्त विभागों के अधिकारियों से कहा है कि लाभार्थीपरक योजनाएं पात्र लाभार्थियों तक पहुँचने चाहिए।
कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि पीएम कुसुम योजना का इस जनपद में अधिक स्कोप है, इससे अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जाए। एआर कोऑपरेटिव से खाद की उपलब्धता के संदर्भ में जानकारी प्राप्त की।इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी के द्वारा विस्तार से पिछड़ा वर्ग विभाग, समाज कल्याण विभाग, सेवायोजन विभाग, मत्स्य, पशुपालन विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, दिव्यांगजन कल्याण विभाग, सीएम युवा उद्यमी विकास योजना, बाल एवं पुष्टाहार विभाग, युवा कल्याण विभाग सहित श्रम विभाग की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि लाभार्थी चयन पारदर्शी तरीके से किया जाए, जिससे पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ शासन की मंशा के अनुरूप प्राप्त हो।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।












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