अपोलो पाइप्स लिमिटेड की सीएसआर पहल, प्रेरणा पाठशाला के 64 बच्चों को शैक्षणिक किट व चॉकलेट वितरित
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा ग्राम देवकली में पिछले 12 वर्षों से संचालित निःशुल्क प्रेरणा पाठशाला के 64 मेधावी छात्र-छात्राओं को बुधवार को अपोलो पाइप्स लिमिटेड की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत शैक्षणिक किट एवं चॉकलेट वितरित की गई।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान के स्मार्ट क्लास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा वह आधारशिला है, जो व्यक्ति के साथ-साथ पूरे राष्ट्र के भविष्य को उज्ज्वल बनाती है। उन्होंने कहा कि जब समाज के वंचित वर्ग के बच्चे शिक्षा से जुड़ते हैं तो इसका लाभ केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा समाज इससे प्रकाशमान होता है। उन्होंने प्रेरणा पाठशाला को इसी उद्देश्य का प्रतीक बताते हुए बच्चों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान कुलपति के हाथों बच्चों को स्कूल बैग, पानी की बोतल, पेंसिल किट एवं बिस्कुट वितरित किए गए। किट में चॉकलेट नहीं होने की जानकारी मिलने पर कुलपति ने तत्काल चॉकलेट मंगवाकर बच्चों में वितरित की। चॉकलेट पाकर बच्चों के चेहरे पर खुशी और मुस्कान साफ दिखाई दी।
कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रेरणा पाठशाला के संस्थापक-संचालक प्रो. राज कुमार, विभागाध्यक्ष, गणित विभाग, के प्रयासों की भी सराहना की गई। उन्होंने प्रेरणा पाठशाला की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विश्वविद्यालय से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2014 से देवकली गांव में ‘प्रेरणा कोचिंग’ का संचालन किया जा रहा है।
इस अवसर पर अपोलो पाइप्स लिमिटेड के डिप्टी रीजनल सेल्स मैनेजर (सेल्स एवं मार्केटिंग) शशिभूषण सिंह ने कहा कि कंपनी अपनी सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों को लगातार प्रोत्साहित करती रही है। जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना उनके शैक्षणिक सफर को सुगम बनाने की दिशा में सार्थक पहल है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. इंद्रेश कुमार ने किया। इस अवसर पर प्रो. सौरभ पाल, डॉ. नृपेंद्र सिंह, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, प्रशांत कुमार, डॉ. लक्ष्मी प्रसाद मौर्य समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।












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