कुलपति ने संकायाध्यक्षों एवं विभागाध्यक्षों के साथ की बैठक, 30 सितंबर तक मांगे प्रस्ताव
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में शनिवार को कुलपति प्रो. आर. के. सिंह की अध्यक्षता में संकायाध्यक्षों एवं विभागाध्यक्षों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता को और प्रभावी बनाने, विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने तथा विभागों को आधुनिक शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
कुलपति प्रो. सिंह ने विभागाध्यक्षों को नए एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम तैयार करते समय विद्यार्थियों की संभावित मांग, रोजगार की संभावनाओं और समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाए। सभी प्रस्ताव 30 सितंबर तक विश्वविद्यालय प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक में खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। विभागों को विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानने तथा उन्हें खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कुलपति ने कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक और संवादपरक बनाने पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक कक्षा की शुरुआत सीधे औपचारिक विषय-वस्तु से करने के बजाय विद्यार्थियों की रुचि जगाने वाले उदाहरणों, प्रश्नों, घटनाओं और समसामयिक संदर्भों से करें। इससे कक्षा में विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ेगी।
स्मार्ट क्लासरूम को अधिक प्रभावी बनाने और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों के बेहतर शैक्षणिक उपयोग पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए बाहरी विशेषज्ञों के माध्यम से साइबर सिक्योरिटी सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना पर विचार किया गया।
बैठक में एनआईआरएफ सहित विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक पहचान और रैंकिंग से जुड़े प्रयासों को और व्यवस्थित करने पर भी चर्चा हुई। कुलपति ने पाठ्यक्रमों को समयानुकूल एवं नवीन बनाने पर बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को केवल पुराने संदर्भों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में कार्यरत सभी कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक एवं मानवीय व्यवहार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सफाईकर्मियों सहित सभी कर्मचारियों के साथ सम्मान और आत्मीयता से व्यवहार करने तथा परिसर की स्वच्छता एवं बेहतर वातावरण बनाए रखने में सभी विभागों से सहयोग की अपील की।
कुलपति ने निर्देश दिया कि विभाग अपने प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर तैयार कर निर्धारित समय सीमा में विश्वविद्यालय प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में आवश्यक योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
बैठक में कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, डीएसडब्ल्यू प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. मिथिलेश कुमार सिंह, प्रो. सौरभ पाल, प्रो. विनोद गुप्ता समेत समस्त विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।












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