डीएम ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश, स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर

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जौनपुर। जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वच्छता समिति की बैठक सोमवार देर सायं आयोजित की गई, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण एवं उपयोग, सामुदायिक शौचालयों के संचालन, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम), प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लक्ष्य, सामुदायिक शौचालयों की कार्यशीलता तथा ग्राम पंचायतों में स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद के सभी ग्राम पंचायतों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण नियमित रूप से कराया जाए तथा प्रत्येक आरआरसी का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निस्तारण हो सके। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए प्रत्येक ग्राम में स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति को स्थायी बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी खण्ड विकास अधिकारियों एवं सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को निर्देशित किया गया कि ग्राम सचिव एवं सफाई कर्मचारियों के माध्यम से प्रतिदिन सुबह एवं शाम निगरानी कराई जाए तथा ग्रामीणों को शौचालयों का नियमित उपयोग करने के लिए निरंतर प्रेरित किया जाए।

बैठक में सामुदायिक शौचालयों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी सामुदायिक शौचालय पूर्णतः क्रियाशील रहें, उनमें नियमित साफ-सफाई, पेयजल एवं आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रत्येक सामुदायिक शौचालय के भीतर यह संदेश प्रमुखता से अंकित कराया जाए कि “अपने बाद आने वाले दूसरे व्यक्ति के लिए शौचालय साफ रखें।” उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

समीक्षा के दौरान प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की प्रगति, सामुदायिक शौचालयों के संचालन तथा रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) की वर्तमान स्थिति, अंत्येष्टि स्थल का भी विस्तार से परीक्षण किया गया। जिन विकास खण्डों में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाई गई, वहां कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित सभी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा जनसहभागिता बढ़ाकर जनपद को स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुंदर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप स्वच्छता से जुड़े प्रत्येक लक्ष्य को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी मीनाक्षी देवी, वरिष्ठ कोषाधिकारी उमाशंकर, बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर, जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन सिंह, जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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