जौनपुर। कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई में गुरुवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई ने पीड़ित को तत्काल राहत दिला दी। ग्राम हुसेपुर, तहसील सदर निवासी रामफेर प्रजापति पुत्र घुटई ने जिलाधिकारी डॉ०दिनेश चंद्र के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया कि पूर्व में उनका नाम खतौनी में दर्ज था, लेकिन परिवार के अन्य खातेदारों की मृत्यु के बाद वरासत दर्ज करते समय उनका नाम हटाकर राधेश्याम के उत्तराधिकारियों का नाम अंकित कर दिया गया।
रामफेर ने बताया कि इस त्रुटि के कारण वे कई वर्षों से राजस्व अभिलेखों में अपने अधिकार के लिए भटक रहे थे। मामला संज्ञान में आते ही जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सदर और संबंधित राजस्व अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल अभिलेखों की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो तथा यदि किसी प्रकार की त्रुटि मिले तो नियमानुसार तत्काल सुधार किया जाए।
डीएम के निर्देशों का असर यह रहा कि राजस्व टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र एक घंटे के भीतर प्रकरण का निस्तारण” कर दिया। अभिलेखों का परीक्षण कर त्रुटि सुधारते हुए रामफेर प्रजापति का नाम पुनः खतौनी में दर्ज कर दिया गया और जनसुनवाई कक्ष में ही संशोधित खतौनी की प्रति उन्हें सौंप दी गई।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि राजस्व अभिलेखों में छोटी से छोटी त्रुटि भी सामने आए तो उसे गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि पात्र व्यक्ति को समय पर न्याय मिल सके।












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