बच्चों के सपनों को जाना, समस्याएं सुनीं; लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और लगन से पढ़ाई करने के लिए किया प्रेरित
जौनपुर। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. ने कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना एवं पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के लाभार्थी बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ संवाद कार्यक्रम किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से आत्मीयता के साथ बातचीत कर उनकी पढ़ाई, रुचियों, विद्यालय की व्यवस्थाओं, व्यक्तिगत जीवन और भविष्य के सपनों के बारे में जानकारी ली।
संवाद के दौरान बच्चों ने शिक्षक, वकील, इंजीनियर, डॉक्टर, अंतरिक्ष वैज्ञानिक और आईपीएस अधिकारी बनने की इच्छा जताई। जिलाधिकारी ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सफलता के लिए सबसे पहले जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना आवश्यक है। लक्ष्य तय करने के बाद अनुशासन, निरंतर मेहनत और लगन के साथ उसे हासिल करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों, दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा मोबाइल फोन का इस्तेमाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए कम से कम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चे अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ें। साथ ही खेलों में रुचि रखने वाले बच्चों को खेल के क्षेत्र में भी बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया।
गरीब बच्चों का निःशुल्क इलाज करना चाहती है बच्ची
संवाद के दौरान एक छोटी बच्ची ने जिलाधिकारी से अपने भविष्य का सपना साझा करते हुए बताया कि वह बड़ी होकर त्वचा रोग विशेषज्ञ बनना चाहती है और अपना अस्पताल खोलकर गरीब बच्चों का निःशुल्क इलाज करना चाहती है। बच्ची की सोच और जरूरतमंदों की मदद करने की भावना की जिलाधिकारी ने सराहना की तथा उसे लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मन लगाकर पढ़ाई और निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। बच्ची के आत्मविश्वास और समाजसेवा की भावना ने कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रेरणादायी बना दिया।
विद्यालयों में खेल सुविधाएं बेहतर कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने बच्चों से विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता, पठन-पाठन की व्यवस्था और अन्य समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली। अटल आवासीय विद्यालय की छात्रा प्रियांशी से शैक्षणिक व्यवस्था के संबंध में जानकारी लेते हुए उन्होंने शिक्षकों की उपलब्धता के बारे में पूछा। छात्रा ने बताया कि विद्यालय में सभी विषयों के शिक्षक नियमित रूप से आते हैं।
कुछ बच्चों ने विद्यालयों में खेलकूद की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध न होने और खेल गतिविधियां कम संचालित होने की समस्या भी बताई। इस पर जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय कार्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित विद्यालयों में प्रबंधन के साथ समन्वय कर खेलकूद की आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के पर्याप्त अवसर भी जरूरी हैं।
योजनाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराने पर जोर
जिलाधिकारी ने बच्चों और अभिभावकों से मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिल रहे लाभों की जानकारी ली। अभिभावकों ने बताया कि उन्हें योजनाओं का लाभ समय से प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की पात्र योजनाओं का लाभ प्रत्येक लाभार्थी तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने जिलाधिकारी के साथ संवाद के अनुभव को उत्साहवर्धक बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों को खुलकर साझा करने का अवसर मिला तथा जिलाधिकारी के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से उनका मनोबल बढ़ा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे देश और समाज के भविष्य की नींव हैं। उनका समुचित विकास तभी संभव है, जब उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवश्यक सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और उचित मार्गदर्शन मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र बच्चों को शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर, जिला प्रोबेशन अधिकारी विजय कुमार पांडेय, बाल संरक्षण अधिकारी चंदन राय सहित अन्य अधिकारी, लाभार्थी बच्चे एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।












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