जौनपुर : तिहरे हत्याकांड की कहानी गांव वालों की ज़ुबानी

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श्याम नारायण पाण्डेय


जौनपुर : मोहम्मदपुर कांध गांव की पश्चिमी हरिजन बस्ती में गनपत राम का एक परिवार था गनपत राम एक अच्छे और धनी मानी इंसान थे। उनके चार बेटे थे प्यार लाल, छोटे लाल, बलजोर और देऊ राम। देऊ राम के चार बच्चे हुए राधे मोहन, लालजी, मुन्नालाल और पप्पू। यह हत्याकांड की कहानी लालजी से संबंधित है जिसकी उम्र लगभग 70 वर्ष थी लालजी के तीन लड़के और दो लड़कियां थी लड़कों का नाम क्रमशः गुड्डू (35) जिलाजीत (32) यादवीर (24) वर्ष। जिलाजीत एक बलात्कार के मुकदमे में सजा पाने के कारण 3 वर्षों से जौनपुर जिला जेल में निरूध्द है। लालजी, गुड्डू और यादवीर दो लड़कों के साथ एक खराद मशीन लगा करके जगदीशपुर में अपना खराद का काम कर रहा था। जिस मकान में मशीन लगा करके अपना काम करता था। उस मकान के मालिक थे तत्कालीन बहुजन समाज पार्टी के अध्यक्ष पलटू राम नागर। कुछ दिनों के बाद लालजी का खराद का कारोबार चल निकला और स्थिति अच्छी होने लगी। इसी बीच पलटू राम नागर से कुछ बातों को लेकर के थोड़ी दूरी हो गई और उन्होंने लालजी से अपना मकान छोड़ देने के लिए कहा। लेकिन लालजी ने दुर्व्यवहार का परिचय देते हुए मकान न छोड़कर के उनके ऊपर दीवानी में एक मुकदमा करके उन पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संबंधी मामले में उन्हें फंसा दिया। और मुकदमा चलने लगा। पलटू राम नागर ने अपने ऊपर मुकदमा दायर होने के बाद अपने मकान में जिसमें लालजी कि खराद मशीन भी थी, ताला लगा दिया तब लालजी अपना धंधा मातापुर मोहल्ले में ले आए और वहीं से अपना काम करने लगे। उन्होंने जुगाड़ से नवादा गांव में सड़क पर एक जमीन खरीदा और वहीं पर आवास और खराद मशीन के लिए कारखाना बनवा करके अच्छे ढंग से अपना व्यापार शुरु किया।

ठेकेदारी का काम भी करते थे लालजी :

लालजी ने सिंचाई और जल निगम विभाग में अपना पंजीयन करवा करके खराद और लोहे संबंधी काम का ठेका भी लेना शुरू कर दिया और उनकी अच्छी आमदनी होने लगी। पलटू राम नागर से इनका मुकदमा बंद नहीं हुआ था बीच-बीच में कभी-कभी कुछ कहा सुनी भी हो जाया करती थी। गत दिनों जब किसी जरूरी काम की सिलसिले में लालजी और उनके दो बेटे गुड्डू और यादगीर रात में कारखाना में काम कर रहे थे। काम करते-करते वही रुक गए और घर नहीं गए। दूसरे दिन जब घर वाले ने टेलीफोन पर उनसे संपर्क करना चाहा तब तीनों का मोबाइल बंद मिला। तब सरिता नमक लालजी की पुत्रवधू ने अपने भाई को पता लगाने के लिए भेजा। जब उसने कारखाने पर जाकर के देखा तो तीनों लोग मरे हुए पाए गए। उनके सर को हथौड़े से बुरी तरह से कूंच दिया गया थ। सूचना पुलिस स्टेशन जाफराबाद को दी गई। यह घटना पूरे शहर में आग की तरह फैल गई। जिले के उच्च अधिकारी, पत्रकार यहां तक की एडीजी वाराणसी भी मौके पर पहुंच गए और तत्काल प्रभाव से पुलिस को निर्देश दिया। कि इस घटना पर तुरंत कार्रवाई की जाए। घटना में किसी ने किसी को हत्याकांड करते देखा नहीं था इसलिए लालजी के परिजनों द्वारा जो कहा गया। कि इस घटना में पलटू राम नागर और उनका परिवार शामिल है। तहरीर लेकर के मुकदमा दर्ज कर लिया गया जिसमें पलटू राम नागर और उनके दामाद नीलमणि की तत्काल प्रभाव से गिरफ्तारी कर ली गई। पलटू राम नागर का बेटा गोलू जो एक मुलजिम है, पुलिस ने उसके ऊपर पच्चीस हजार रु का इनाम घोषित कर दिया है। फिलहाल समाचार लिखने तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई।

घटना के बाद राजनीति शुरू :

अब यह घटना आपराधिक कम राजनीतिक ज्यादा हो गई है।
प्रतिपक्ष के सभी दल इसमें गहरी रुचि लेने लगे हैं। सर्वप्रथम उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय तत्काल मोहम्मदपुर कांध, लालजी के आवास पर पहुंचे और उनके परिवार को ढूंढकर बढाते हुए उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि यदि क्षेत्रीय पुलिस ने, जिनकी गिरफ्तारी आज की है उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर लेते तो इन तीन लोगों की जान बच जाती। उन्होंने कहा कि हम आप लोगों के साथ हैं और आपकी लड़ाई यहां से लेकर के सदन तक लड़ेंगे।
इसके बाद समाजवादी पार्टी कब चुकने वाली थी, समाजवादी पार्टी के विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव, सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा, विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा आदि ने स्थानीय बहुत से नेताओं के साथ मोहम्मदपुर कांध पहुंचे और उन्होंने कहा की समाजवादी पार्टी आपके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अखिलेश यादव पूरी गतिविधियों की खबर लेने के लिए हम लोगों को यहां भेजे हैं और वह इस घटना पर आप लोगों को न्याय दिलाएंगे। लाल बिहारी यादव ने मांग किया कि उत्तर प्रदेश सरकार कम से कम उनके पूरे परिवार के हर सदस्य को एक एक करोड रूपये और एक सरकारी नौकरी दे। उन्होंने यह भी कहा कि हम सदन में भी इस मामले को बहुत ही जोरों से उठाएंगे। और आप लोगों को न्याय दिलाएंगे।

पैरोल के लिए पत्नी पहुंची हाईकोर्ट :

एक अन्य पैरोल के मामले में जिलाजीत की पत्नी नगीना ने मा. उच्च न्यायालय में आवेदन किया है। ताकि इन मृतको का हिंदू धर्म के अनुसार क्रिया कर्म किया जा सके। इस घटना के बारे में सभी लोग चर्चा करते हुए यह दुखी मन से कह रहे हैं कि बेचारे लालजी का तो परिवार ही समाप्त हो गया।

जिलाधिकारी ने गठित की चार सदस्यीय समिति:

जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने पीड़ित परिवार की सहायता के लिए चार सदस्यों की समिति का गठन कर दिया है जिसमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला प्रोबेसन अधिकारी यह देख रहे हैं कि पीड़ित परिवार को इस संबंध मे अनुमन्य पूरी सुविधा मिलती रहे। किसी प्रकार का अभाव या परेशानी इन पीड़ित लोगों को न रहे।

इसके साथ ही सुभाषपा विधायक माननीय जगदीश नारायण राय ने उन्हे पीड़ित परिवार से मिलकर के आश्वासन दिया की आप लोग बिल्कुल भयभीत न हो। जो होना था हो चुका है। भविष्य में हम लोग आपके साथ हैं। कोई परेशानी नहीं होगी।

गांव में लगाई गई पीएसी :

पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ द्वारा पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए डेढ़ प्लाटून पीएसी लगा दी गई है जो 24 घंटे परिवार की सुरक्षा में लगी है और अपने काम को अंजाम दे रही है। इस प्रकार मोहम्मदपुर कांध इन दिनों राजनीतिक लोगों का तीर्थ बन गया है।

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