जौनपुर: नगर पालिका परिषद के अंतर्गत आने वाले कई मोहल्लों में नागरिकों को तमाम कठिनाइयों झेलनी पड़ रही है किंतु राम के नाम पर बसी हुई रामआश्रम कॉलोनी की स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब है यदि आपको इस कॉलोनी में जाना हो तो बहुत संभाल कर जाना होगा अन्यथा किसी हड्डी रोग विशेषज्ञ से तत्काल संपर्क करना होगा।
ऐसा नहीं है कि इस कॉलोनी के सम्मानित नागरिक टैक्स नहीं देते अथवा यह कॉलोनी नगर पालिका परिषद क्षेत्र के बाहर कर दी गई है फिर भी यह कॉलोनी लावारिस पड़ी हुई है। इसी क्षेत्र के सभासद हैं जिन्हें नागरिकों ने अपना बहुमूल्य मत देकर विजई बनाया है। नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा मौर्य स्वयं कॉलोनी में आ सकती हैं यहां के लोग जो असुविधा झेल रहे हैं उसको देख सकती हैं। यदि उनके पास वक्त कम है तो उनके पति डॉ० राम सूरत मौर्य उनके साथ ही नगर पालिका में बैठते हैं। उन्हें ही इस कालोनी में जाकर स्थिति देख लेना चाहिए। इन सब बातों के लिए अच्छा बजट भी रहता हैं किंतु इस कालोनी की उपेक्षा क्यों है?

यह भी समझ में नहीं आता कि कॉलोनी के लोग प्रतिदिन परेशान होते हैं किंतु 10-20 लोग इकट्ठे होकर नगर पालिका जाकर अध्यक्ष से नहीं मिलते, यदि ऐसा संभव नहीं है तो जनहित कार्यों में विशेष रुचि लेने वाले जिलाधिकारी से ही मिलने जाना चाहिए। राम आश्रम कालोनी जो नर्क बनी है बिल्कुल ठीक हो सकती हैं।

हम इस कॉलोनी के लोगों की ओर से जनपद के मंत्री और इस क्षेत्र के विधायक से भी यह अपेक्षा करते हैं कि वे प्राथमिकता के आधार पर राम के नाम पर बसीं हुई इस रामाश्रम कालोनी की दशा को सुधारने में रुचि लें और अपना योगदान दें।

