जौनपुर: जनपद के मशहूर समाजसेवी अनीष भाई से काफी दिन बाद भेंट हुई। आप पीएनबी के जनप्रिय शाखा प्रबंधक दिनेश कुमार के कार्यालय में एक दूसरे व्यक्ति के कार्य के लिए बैठे हुए थे। काफी बातें घर, परिवार और कारोबार के बारे में हुई। अपने दिल की बातें कहते हुए आप भावुक हो गए और एक शेर सुनाया-
“कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता।
“कभी जमीं तो कभी आसमां नहीं मिलता”।।
अनीष भाई ने खुले दिल से एक अंदाज में कहा कुदरत की भी गजब व्यवस्था है कोई खाने बगैर मर रहा है और कोई खाकर मर रहा है। किसी को जरूरत की छाँव भी नहीं मिल रही है और किसी को एसी में भी नींद नहीं आ रही है। रात भर करवटें बदल रहा है। किसी को साइकिल मयस्सर नहीं है और कोई अपने कुत्तों के लिए फॉर्च्यूनर से उन्हें टहला रहा है। यह लोग भूल जाते हैं कि हमारे कामकाज को भी कोई देख रहा है। पाई पाई का हिसाब भी रख रहा है।
अनीश भाई की बातें अपना काम करते हुए पीएनबी के अधिकारी लाल जी भाई भी सुन रहे थे और मुस्कुरा रहे थे। अंत में अपनी बात को विराम देते हुए उन्होंने कहा कि –

वे समझते नहीं की कुदरत बहुत बेरहम भी है। कहा गया है कि – जिसे देता है वो देने से ढेर देता है। और जब लेता है तो चमड़ी उधेड़ लेता है।।
उन्होंने तमाम मगरूर लोगों की ओर इशारा करते हुए कहा कि सावधान हो जाओ। इन्सानियत के खिलाफ मत जाओ वरना वहां पर कोई पैरवी नहीं लगती। वहां गिन – गिन करके हिसाब लिया जाता है। उसके कंप्यूटर से कोई बच नहीं पाता। वहां देर जरूर है लेकिन अंधेर बिल्कुल नहीं है।
