जौनपुर: विकास भवन का समाज कल्याण विभाग वयोवृद्ध लोगों के लिए विनाशकारी बन गया है। यहां के समाज कल्याण अधिकारी बड़े ही अद्भुत हैं। उनके बाबू लोग समाज के अशक्त लोगों के इतने खिलाफ हैं कि वह प्रतिवर्ष जनपद के दर्जनों लोगों को मार देते हैं। कहने का आशय है कि ये बाबू पेंशनर्स वयोवृद्ध लोगों की पेंशन हीं रोक देते हैं फिर उनसे पैसे की मांग करते हैं। जब वह उनकी इच्छा को पूरा नहीं कर पाते तो अभिलेखों में उन्हें मृत घोषित कर उनकी पेंशन बंद कर देते हैं। बाबू कहते कि ” पेंशन लग जाएगी” आप आते – जाते रहिए। दो-तीन साल बाद पता चलता है कि यह लोग कागज में मृत घोषित किए जा चुके हैं इसलिए उनकी पेंशन कट गई है।
ऐसा ही एक पेंशनर्स है रामकृपाल माली, ग्राम- खपराहा, विकासखंड – सिकरारा, जिला जौनपुर। जब रामकृपाल ने अपने बीती मुख्यमंत्री के पोर्टल पर डालकर यह शिकायत किया कि हमारी पेंशन 3 वर्षों से नहीं मिल रही है तब जिला समाज कल्याण अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई। वार्षिक सत्यापन करने पर उनकी पेंशन काट दी गई थी। संबंधित खंड विकास अधिकारी ने ऐसी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी कि रामकृपाल का नाम अभिलेखों में मृत घोषित किया जा चुका है इसलिए उनको पेंशन नहीं मिल पा रही है।
समाज कल्याण अधिकारी का कहना है कि आप फिर आवेदन करें तो अब से आप जीवित हो जाएंगे आपकी पेंशन चालू किए जाने की व्यवस्था की जाएगी। आपका पिछला बकाया नहीं मिलेगा।
ऐसी स्थिति से दर्जनों जीवित लोग मृतक के रूप में टहल रहे हैं।
15 दिन पहले ऐसी ही कुछ लोगों की स्थिति आई थी। वह डीएम कार्यालय में कलेक्टर साहब के सामने अपने सीने पर “मैं जीवित हूं ” की तख्ती लगाए हाजिर हुए। उन लोगों में पचोखर गांव के निवासी कृपा शंकर तिवारी के अलावा और कुछ लोग भी थे। जिलाधिकारी ने इन मृतक लोगो को जीवित करते हुए अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर उन लोगों को पूरी पेंशन दिलवाया। जिलाधिकारी इसकी व्यवस्था अवश्य करें नहीं तो यह समाज कल्याण विभाग लोगों का विनाश करने में बड़ी तेजी से अग्रसर हो रहा है।
