जौनपुर। दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के प्रोफेसर डॉ आलोक दीपक उपाध्याय तीसरी आंख के कार्यालय में पधारे और माध्यमों की गतिविधियों में तीसरी आंख की कार्यशैली पर संतोष व्यक्त किया। आपने कहा कि प्रायः देखने में आता है कि माध्यम चाहे वह प्रिंट मीडिया हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, अपने रास्ते से हट गए हैं। मात्र सूचनात्मक सामग्री परोसाना ही वे पत्रकारिता का उद्देश्य समझ रहे हैं लेकिन ऐसा है नहीं, पत्रकारिता का उद्देश्य तो बहुत विशद है। समाज को सही रास्ते पर ले आना, उन्हें शिक्षित करना और एक उपदेशक की भांति उनको अच्छे रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करना यह पत्रकारिता का कर्तव्य भी है और यही ड्यूटी भी है। मात्र अपराधिक समाचार, राजनेताओं की चार्टुकारिता और अन्य चटपटी खबरों को समाज को परोसना ही पत्रकारिता का कर्तव्य नहीं है।
माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ आसाराम यादव ने प्रोफेसर आलोक दीपक को साधुवाद देते हुए उनके स्वस्थ होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

वरिष्ठ अधिवक्ता सभा नारायण चौबे ने उन्हें आशीर्वाद दिया और ईश्वर से प्रार्थना की कि वह स्वस्थ रहें, खुश रहें और प्रसन्न रहें।
डॉ बृजेश यदुवंशी ने डॉक्टर आलोक दीपक के संबंध में उनकी साहित्यिक गतिविधियों और सेवाओं के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला।
संपादक तीसरी आंख श्याम नारायण पांडे ने इस पत्रकारिता संगोष्ठी की अध्यक्षता की।
अंत में अधिकवक्ता विपिन कुमार सिंह ने आगत अतिथियों को साधुवाद दिया तथा गोष्ठी का छायांकन पत्रकार रवि कान्त ने किया।
