अन्ना का ‘अनशन’ रंग लाया: जिलाधिकारी ने माना- ‘जायज हैं मांगें’, तहसीलों में पेंडिंग मुकदमों का अब होगा सामूहिक निपटारा

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जौनपुर। जौनपुर कलेक्ट्रेट में भ्रष्टाचार और लचर राजस्व प्रणाली के खिलाफ समाजसेवी जज सिंह अन्ना का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन आखिरकार रंग लाया। गुरुवार शाम 4:40 बजे जिलाधिकारी के ठोस आश्वासन के बाद अन्ना ने अपना अनशन समाप्त किया।

अनशन की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जज सिंह अन्ना को अपने कार्यालय में बुलाया और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में लंबी वार्ता की। जिलाधिकारी ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि “अन्ना की मांगें पूरी तरह जायज हैं”। उन्होंने कड़े लहजे में अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षों से लंबित बैनामा और कब्जे के मुकदमों पर अब ‘तारीख पे तारीख’ नहीं चलेगी।

जिलाधिकारी ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जिले की तहसीलों में बैनामा के जितने भी पेंडिंग मुकदमे हैं, उन सभी का सामूहिक अभियान चलाकर निपटारा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और लेटलतीफी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।

अनशन समाप्त करने के बाद जज सिंह अन्ना ने कहा कि यह सिर्फ उनकी जीत नहीं बल्कि उन हजारों पीड़ितों की जीत है जो दशकों से तहसीलों में न्याय के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं प्रशासन के आश्वासन पर अनशन तोड़ रहा हूँ, लेकिन मेरी नजर कार्यवाही की रफ्तार पर बनी रहेगी।”

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