जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) इंस्टिट्यूट ऑफ फिजिकल साइंसेज फॉर स्टडी एंड रिसर्च में भौतिकी विषय के अंतर्गत डॉक्टर ऑफ साइंस (डी०एससी०) की उपाधि हेतु डॉ. मुकेश कुमार झोपे, एडिशनल प्रोफेसर (चिकित्सा भौतिकी), राज्य कैंसर संस्थान, इंदिरा गांधी चिकित्सा संस्थान, शेखपुरा, पटना की सार्वजनिक मौखिक परीक्षा सोमवार को संपन्न हुई।
इस अवसर पर डॉ. झोपे ने अपने शोध कार्य “सिर और गर्दन के कैंसर में तीव्रता-संग्राहक और तीव्र आर्क विकिरण वितरण के भौतिक और डोसिमेट्रिक पहलुओं का अध्ययन: एक संभावित अध्ययन” पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उनके अध्ययन में दो उन्नत विकिरण तकनीकों, तीव्रता-संग्राहक विकिरण चिकित्सा और तीव्र आर्क/वॉल्यूमेट्रिक मॉड्यूलेटेड आर्क थेरेपी का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया।
मौखिक परीक्षा समिति में प्रो० अजय कुमार श्रीवास्तव (सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, आगरा), प्रो० नरेन्द्र कुमार सिंह (आरा) तथा सलाहकार प्रो० देवराज सिंह (रज्जू भैया संस्थान) सहित संस्थान के प्राध्यापकगण और शोधार्थी उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. झोपे के प्रस्तुतिकरण, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण, डोज़िमेट्रिक पैरामीटर्स की समझ तथा मरीज-विशिष्ट विकिरण सत्यापन तकनीकों की सराहना की।
समिति ने उनके उत्कृष्ट शोध, गुणवत्तापूर्ण प्रकाशन एवं वैज्ञानिक प्रस्तुतियों को ध्यान में रखते हुए डॉ. झोपे को डी०एससी० (भौतिकी) की उपाधि प्रदान करने की संस्तुति की।
विश्विद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने डॉ. झोपे को बधाई देते हुए कहा कि उनका शोध आधुनिक विकिरण चिकित्सा, मरीज सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान सिद्ध होगा। विश्वविद्यालय परिवार ने भी इस उपलब्धि पर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
