कूटरचित वीडियो का संज्ञान लेकर कुलपति की कार्यवाही निंदनीय

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ए. आई .का कमाल कथित शिक्षकों की जालसाजी उजागर


सतीश चन्द्र शुक्ल सत्पथी

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यवसायिक प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अतिथि प्रवक्ता प्रांकुर शुक्ल की सेवायें कतिपय शिक्षकों की कथित षड्यंत्र से वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर वर्तमान कुलपति वंदना सिंह के आदेश पर समाप्त कर दी गई है। कुलपति के इस कार्यवाही और कूट रचित वायरल वीडियो पर संज्ञान लेने की घटना को गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जनपद के बुद्धिजीवियों अधिवक्ताओं और साहित्यकारों में गंभीर रोष पनपने लगा है। विश्वविद्यालय प्रशासन की यह कार्यवाही द्वेष भावनाओं से कूट रचित वीडियो वायरल होने के बाद वरिष्ठ अतिथि प्रवक्ता प्रांकुर शुक्ल पर की गई जिसकी सर्वत्र निंदा हो रही है बता दें कि पिछले महीने व्यावसायिक प्रबंधन विभाग के ही कृषि प्रबंधन व्यवसाय विषय में एक सामान्य नियमित प्रवक्ता की नियुक्ति की जानी है जिसके मानक में उक्त अतिथि प्रवक्ता प्रांकुर शुक्ल सर्वथा सभी मानको पर अर्ह है जिसको लेकर विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने गुटबंदी व साजिश करके ऐसा घृणित वीडियो वायरल किया जिससे अतिथि प्रवक्ता श्री शुक्ल का दूर-दूर तक वास्ता सरोकार रहा ही नहीं है। यह शिक्षक कर्मचारियों की घृणित सोच का भयंकर दुष्परिणाम है।

भारतीय जन जननायक पार्टी के जिला अध्यक्ष एवं जनपद के वरिष्ठ पत्रकार सतीश चंद्र शुक्ला सत्पथी ने प्रकरण पर गंभीर भत्सर्ना करते हुए कहा है कि प्रांकुर शुक्ल के साथ की गई विश्वविद्यालय की घिनौनी साजिश से एक योग्य और कर्मठ शिक्षक के चरित्र का हनन हुआ है। कुलपति महोदया को चाहिए कि वायरल वीडियो पर अग्रेतर प्रशासनिक कार्यवाही के बजाय वीडियो बनाकर वायरल करने वालों का संज्ञान लेना चाहिए और कथित वीडियो की जांच करा कर तब प्रशासनिक कार्यवाही की तरफ ध्यान देना चाहिए यह मीडिया के समक्ष अपनी शक्ति को प्रदर्शित करने का निंदनीय मानक है इससे पुराने शिक्षकों में हतोत्साह को प्रोत्साहन मिलता है जनपद के जनप्रिय पुलिस अधीक्षक को भी वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर दोषियों के विरुद्ध उचित वैधानिक दंडनीय कार्यवाही किया जाना चाहिए ।

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