दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने किया सर्वे, पांच स्थानों पर मिले मच्छरों के लार्वा नष्ट

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जौनपुर। जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ब्लॉक सिरकोनी के ग्राम महरूपुर की चौहान बस्ती में दस्तक एवं संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया। टीम में एसएफडब्ल्यू इंद्रजीत सिंह, एनएमएस अखिलेश चंद्र तथा एनएमए अखिलेश गुप्ता शामिल रहे।

अभियान के दौरान फीवर सर्वे के साथ डेंगू, मलेरिया एवं कुष्ठ रोग का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें कोई भी संक्रमित मरीज नहीं मिला। टीम ने 29 जल पात्रों का निरीक्षण किया, जिनमें से 5 में मच्छरों के लार्वा पाए गए। सभी लार्वा को तत्काल नष्ट कराया गया तथा अन्य जल पात्रों को खाली कराकर उल्टा रखवाया गया, ताकि उनमें जलभराव न हो सके।

स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों के बीच स्वास्थ्य शिक्षा गोष्ठी आयोजित कर पोस्टर एवं पंपलेट वितरित किए। लोगों को डेंगू, मलेरिया एवं कुष्ठ रोग के कारण, लक्षण, बचाव, जांच और उपचार की जानकारी दी गई। साथ ही लोगों से अपने घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, झाड़ियों को न बढ़ने देने, जलभराव रोकने, नालियों में कूड़ा न डालने तथा रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल डालने की अपील की गई।

टीम ने कूलर, फ्रिज की ट्रे एवं गमलों का पानी सप्ताह में एक बार बदलने, पानी की टंकियों को ढककर रखने, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने तथा सोते समय मच्छरदानी के प्रयोग की सलाह दी। अधिकारियों ने कहा कि कोई भी बुखार डेंगू या मलेरिया का लक्षण हो सकता है, इसलिए बुखार होने पर तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर निःशुल्क जांच एवं उपचार कराना चाहिए। डेंगू या मलेरिया की पुष्टि होने पर घबराने के बजाय समय पर उपचार, नियमित दवा, हल्का एवं सुपाच्य भोजन, पर्याप्त तरल पदार्थ, ओआरएस का सेवन तथा पर्याप्त आराम करना आवश्यक है।

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक जनपद में डेंगू के 5 तथा मलेरिया के 14 मरीज रिपोर्ट हुए हैं। राहत की बात यह है कि अब तक डेंगू या मलेरिया से किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है।

उन्होंने बताया कि डेंगू और मलेरिया मच्छरों से फैलने वाले संक्रामक रोग हैं। डेंगू में तेज बुखार के साथ हड्डियों और जोड़ों में दर्द होता है, जबकि मलेरिया में ठंड लगने और कंपकंपी के साथ बुखार आता है। समय पर जांच और उपचार न होने पर दोनों बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं। इसलिए लक्षण दिखाई देते ही तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच एवं उपचार कराना चाहिए।

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