संगठित समाज से ही राष्ट्र सशक्त, पंच परिवर्तन से भारत को नई दिशा देने का आह्वान

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जौनपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में खंड सिरकोनी की प्रमुख जन गोष्ठी श्री राम निरंजन इंटर कॉलेज, कजगांव में आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वीरेंद्र सिंह ने की। खंड संचालक आशुतोष मिश्र तथा मुख्य वक्ता जिला प्रचारक अमरजीत मंचासीन रहे।

मुख्य वक्ता जिला प्रचारक अमरजीत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष की यात्रा में है। उन्होंने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन और राष्ट्रभक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि बचपन से ही उनके मन में राष्ट्र के प्रति गहरी निष्ठा थी।

उन्होंने बताया कि विद्यार्थी जीवन में ब्रिटिश शासन द्वारा वंदे मातरम के गायन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद डॉ. हेडगेवार ने सहपाठियों के साथ इसका गायन किया, जिसके कारण उन्हें विद्यालय से निष्कासित कर दिया गया।

जिला प्रचारक ने कहा कि वर्ष 1916 में पढ़ाई पूरी करने के बाद नागपुर पहुंचकर डॉ. हेडगेवार ने समाज की परिस्थितियों का गहन अध्ययन किया। उन्होंने अनुभव किया कि केवल राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्त कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जाति, पंथ और मजहब के भेद से ऊपर उठकर समाज को संगठित और सशक्त बनाना आवश्यक है। इसी विचार के साथ वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई।

उन्होंने कहा कि दैनिक शाखा व्यक्ति निर्माण और समाज संगठन का प्रभावी माध्यम है। शाखा के माध्यम से अनुशासन, संस्कार, राष्ट्रभाव और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास होता है।

अमरजीत ने पंच परिवर्तन के अंतर्गत सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य तथा स्वदेशी को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाकर राष्ट्र को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर खंड शारीरिक प्रमुख आशुतोष सिंह, खंड व्यवस्था प्रमुख योगेश सिंह, प्रधानाचार्य प्रहलाद कुमार सिंह, हर्ष सिंह, खंड विस्तारक राकेश, दिनेश सिंह, अजय सिंह, नारायण, अभय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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