जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के केंद्रीय प्रशिक्षण नियुक्ति सेल (सीटीपीसी) ने छात्रों की तकनीकी कुशलता सशक्तिकरण हेतु सॉफ्टकैन भारत निजी लिमिटेड के सहयोग से दो दिवसीय विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया।

प्रथम कार्यशाला औद्योगिक पाइपिंग-व्यवस्था आरेखण पर केंद्रित रही, जिसमें परिष्करणागार, ऊर्जा संयंत्र, रासायनिक, जल-अपशिष्ट जल तथा खाद्य उद्योगों की पाइपिंग डिजाइन पर गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने पाइपिंग-घटकों, सामग्री चयन, मार्ग-दर्शन सिद्धांत, सुरक्षा मापदंड, अंतरराष्ट्रीय संहिताएँ, संयंत्र आरेखण, तनाव विश्लेषण तथा सहारा प्रणालियों जैसे विषयों पर प्रकाश डाला। त्रिविमीय आरेखण सॉफ्टवेयरों (जैसे आटोडेस्क रेवित, एवेवा पीडीएमएस, एसपी३डी तथा एवेवा ई३डी) पर व्यावहारिक प्रशिक्षण में टकराव-शोधन प्रक्रिया भी शामिल की गई।
द्वितीय कार्यशाला कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा यंत्र-अध्ययन पर आयोजित हुई, जहाँ सहायक तकनीकी प्रमुख अभिषेक रजन् ने पर्यवेक्षित, अनुपयवेक्षित तथा सुदृढ़ीकरण अध्ययन की संकल्पनाओं का परिचय कराया। उन्होंने पायथन, आंकड़ा-विज्ञान तथा एमएलओप्स कुशलताओं पर बल देते हुए स्वास्थ्य-सेवा, वित्त, कृषि व शिक्षा क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की वृद्धि तथा २०२६ को ‘कारक कृत्रिम बुद्धिमत्ता का वर्ष’ घोषित कर छात्रों को प्रेरित किया।
सीटीपीसी निदेशक प्रोफेसर प्रदीप कुमार ने कहा, “विश्वविद्यालय छात्रों को रोजगारोन्मुखी बनाने हेतु विशेषज्ञ कार्यशालाएँ निरंतर आयोजित कर रहा है। विज्ञान, कला, प्रबंधन व औषधि संकायों हेतु ऐसी पहलें जारी रहेंगी।” कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुशील कुमार ने किया। डॉ. दीप प्रकाश सिंह, डॉ. अंकुश, शांत त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहीं।












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