जौनपुर। तहसील केराकत सभागार में सोमवार को आयोजित ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ में प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशीलता दोनों का संतुलित स्वरूप देखने को मिला। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा0 दिनेश चन्द्र ने की, जबकि कुंवर अनुपम सिंह भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।
समाधान दिवस में भूमि विवाद और अतिक्रमण से जुड़े कई मामले प्रमुखता से सामने आए। ग्राम नरहन निवासी संतश्री रामजनम नागर ने रामजानकी मंदिर एवं आश्रम निर्माण में बाधा उत्पन्न किए जाने की शिकायत की, जिस पर नायब तहसीलदार और सीओ चकबंदी को जांच के निर्देश दिए गए। वहीं मुरलीपुर निवासी अश्वनी उपाध्याय ने जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई, जिसे उपजिलाधिकारी को सौंपते हुए शीघ्र निस्तारण का आदेश दिया गया। टुसौरी गांव के जितेंद्र सिंह ने सरकारी चकरोड और नवीन परती भूमि पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया, जिस पर राजस्व टीम को पैमाइश कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

इसी क्रम में सुरतपुर निवासी पूजा ने सामूहिक विवाह योजना में शामिल किए जाने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को पात्रता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शिकायतों का निस्तारण बिना स्थलीय निरीक्षण और शिकायतकर्ता से संवाद किए न किया जाए। उन्होंने आबादी से जुड़े मामलों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई पर जोर दिया।
कार्यक्रम में कुल 179 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 28 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इस दौरान शैलेन्द्र कुमार, डा0 गोरखनाथ पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अन्य तहसीलों में भी समाधान दिवस आयोजित कर जनसमस्याएं सुनी गईं।












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