जौनपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर द्वारा जनपद के विभिन्न विकासखंडों का सघन औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण प्रातः 08ः15 बजे विकासखंड मुफ्तीगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय ओझैनिया में किया गया, यहाँ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वयं विद्यालय की प्रार्थना सभा में सम्मिलित हुए और उन्होंने बच्चों को नियमित उपस्थिति तथा अनुशासन का पाठ पढ़ाया। विद्यालय में सभी शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित पाए गए और 149 नामांकित छात्र-छात्राओं के सापेक्ष बच्चों की उपस्थिति संतोषजनक रही। वित्तीय समीक्षा में पाया गया कि गत दो शैक्षिक सत्रों में विद्यालय को प्राप्त रु. 50,000 की वार्षिक कंपोजिट ग्रांट का सही उपयोग किया गया है, जबकि मध्याह्न भोजन के अभिलेखों में पिछले तीन दिनों की छात्र संख्या क्रमशः 96, 102 और 98 दर्ज मिली। डीबीटी की समीक्षा करने पर सत्र 2024-25 में 130 के सापेक्ष 116 छात्रों तथा सत्र 2025-26 में 133 के सापेक्ष 112 छात्रों का डेटा सफल पाया गया। विद्यालय परिसर स्वच्छ और शैक्षणिक माहौल प्रभावी होने के कारण बीएसए ने समस्त स्टाफ की सराहना की।
इसके बाद प्रातः 09ः00 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकासखंड केराकत के पूर्व माध्यमिक विद्यालय तरियारी का निरीक्षण किए, जहाँ का वातावरण अत्यंत अनुकरणीय और प्रेरणादायी मिला। यहाँ कार्यरत समस्त शैक्षणिक स्टाफ अपनी ड्यूटी पर उपस्थित मिले और कुल 276 नामांकित बच्चों में से 205 छात्र मौके पर उपस्थित पाए गए। विद्यालय में नियमों के अनुसार स्मार्ट क्लास का संचालन होता मिला और बच्चों का अधिगम स्तर काफी उच्च कोटि का था। विद्यालय को प्राप्त रू० 75,000 की वार्षिक कंपोजिट ग्रांट का उपयोग विभागीय मानकों के अनुरूप किया गया था तथा पिछले तीन दिनों में एमडीएम का लाभ लेने वाले छात्रों की संख्या क्रमशः 190, 179 व 190 दर्ज थी। परिसर और कक्षाओं की उत्कृष्ट स्वच्छता व आकर्षक वातावरण को देखकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक सहित पूरे स्टाफ की प्रशंसा की।
इसी क्रम में विकासखंड केराकत के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय घुरुहरी का निरीक्षण किया गया। यहाँ सहायक अध्यापिका श्रीमती माया सिंह मातृत्व अवकाश पर पाई गईं, जबकि शेष समस्त कर्मचारी उपस्थित थे। विद्यालय में 54 नामांकित बच्चों के सापेक्ष 39 छात्र उपस्थित मिले और पिछले तीन कार्य दिवसों में एमडीएम के लाभार्थियों की संख्या क्रमशः 44, 40 व 45 दर्ज थी। यहाँ बीएसए ने शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को देखते हुए शिक्षकों को छात्र नामांकन बढ़ाने के लिए क्षेत्र में प्रभावी जनसंपर्क करने और नामांकन अभियान चलाने के निर्देश दिए।
तत्पश्चात प्रातः 10ः00 बजे प्राथमिक विद्यालय सरायवीरू का निरीक्षण किया गया, जहाँ सहायक अध्यापिका श्रीमती शशिकला विश्वकर्मा आकस्मिक अवकाश पर थीं और शेष स्टाफ उपस्थित मिला। इस विद्यालय में 126 नामांकित छात्रों के सापेक्ष 80 छात्र उपस्थित पाए गए तथा पिछले तीन दिनों में एमडीएम से लाभान्वित छात्रों की संख्या 82, 90 व 86 रही। यहाँ भी बीएसए ने सभी शिक्षकों को अभिभावकों से निरंतर संपर्क बनाए रखने, स्कूल चलो अभियान को गति देने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश जारी किए।
केराकत के प्राथमिक विद्यालय चौरा के निरीक्षण में सभी शैक्षिक कर्मचारी तो उपस्थित मिले, लेकिन 95 नामांकित छात्रों के सापेक्ष केवल 49 छात्र ही उपस्थित पाए गए। मध्याह्न भोजन योजना के तहत पिछले तीन दिनों का रिकॉर्ड क्रमशः 57, 60 व 55 छात्र दर्ज था और भोजन मीनू के अनुसार बना हुआ था और छात्रों के साथ संवाद करने पर उनका अधिगम (लर्निंग) स्तर काफी न्यून पाया गया, जिस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को शिक्षण कार्य में तत्काल सुधार करने, नियमित अभ्यास कराने और कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देने की कड़ी चेतावनी दी।
प्रातः 11ः00 बजे विकासखंड डोभी के कंपोजिट विद्यालय कूपा में निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कुल 130 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन मौके पर मात्र 59 छात्र ही उपस्थित पाए गए। इस प्रकार नामांकन के सापेक्ष अत्यंत कम छात्र उपस्थिति और पदीय दायित्वों में शिथिलता को बेहद गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक का वेतन अग्रिम आदेशों तक तत्काल प्रभाव से रोक दिया, साथ ही विद्यालय के शेष कार्यरत कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया।

विकास क्षेत्र डोभी के प्राथमिक विद्यालय ककरापार, प्राथमिक विद्यालय चंदवक तथा विकास क्षेत्र केराकत के पीएम श्री विद्यालय महादेवा एवं जूनियर हाई स्कूल महादेवा का निरीक्षण किया गया। इन विद्यालयों में कार्यरत समस्त कर्मचारी अपने कार्य पर उपस्थित मिले। यहाँ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने ’स्कूल चलो अभियान’ के द्वितीय चरण (फेस-टू) की प्रगति जांची और शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे क्षेत्र में शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों को एक समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर पूरी पारदर्शिता व गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।













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