विशाखापत्तनम। गायत्री विद्या परिषद कॉलेज फॉर डिग्री एंड पी.जी. कोर्सेस (A), ऋषिकोंडा, विशाखापत्तनम में ‘NEP 2020 का क्रियान्वयन: निजी उच्च शिक्षा संस्थानों के समक्ष चुनौतियाँ’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। 25 एवं 26 सितंबर 2026 को आयोजित इस सम्मेलन का आयोजन प्रबंधन अध्ययन विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है।
आंध्र विश्वविद्यालय से संबद्ध तथा NAAC द्वारा ‘A’ ग्रेड से मान्यता प्राप्त संस्थान में आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के दौरान निजी उच्च शिक्षा संस्थानों के सामने आने वाली चुनौतियों, संभावनाओं और आवश्यक सुधारों पर विमर्श करना है।
सम्मेलन का आयोजन गायत्री विद्या परिषद के अध्यक्ष एवं मुख्य संरक्षक प्रोफेसर डॉ. पी. श्रीनिवास राव के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। प्रोफेसर पी.वी. शर्मा मानद अध्यक्ष तथा GVPCDPGC के प्राचार्य प्रोफेसर के.एस. बोस कार्यकारी अध्यक्ष हैं। प्रोफेसर एस. रजनी सम्मेलन की संयोजिका हैं, जबकि प्रोफेसर एम.एस.आर. शेषगिरि एवं प्रोफेसर के.वी.वी. मुरली सोमेश्वर राव सह-संयोजक की भूमिका निभा रहे हैं।
सम्मेलन के संरक्षकों में प्रोफेसर पी. सोमराजू, सचिव, गायत्री विद्या परिषद; श्री डी. दक्षिणामूर्ति, उपाध्यक्ष, गायत्री विद्या परिषद; आचार्य पी. राजगणपति, उपाध्यक्ष, गायत्री विद्या परिषद; आचार्य वी.एस.आर.के. प्रसाद, सदस्य, गायत्री विद्या परिषद तथा आचार्य पी. वेंकट राव, प्रभारी कुलसचिव, GVPIHLR शामिल हैं।
दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान NEP 2020 के विभिन्न पहलुओं, उच्च शिक्षा में इसके क्रियान्वयन, निजी संस्थानों की भूमिका तथा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन शिक्षा क्षेत्र में नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर संवाद और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में आयोजित किया जा रहा है।













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