अमृतपाल के मामले में कांग्रेस खामोश क्यों ?

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कांग्रेस अब बदल चुकी है। खालिस्तान आंदोलन को दबाने के कारण ही प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की गई। हत्या करने वाले खालिस्तानी थे और समर्थक इंदिरा गांधी के दो सुरक्षाकर्मी बेयंत सिंह और सतवंत सिंह थे। आज लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में पंजाब के कांग्रेस नेता चरन जीत सिंह चन्नी ने खालिस्तानी नेता और सांसद अमृतपाल सिंह का पक्ष लेते हुए कहा कि अमृतपाल सिंह को सांसद बनने के बाद भी डिब्रूगढ़ के जेल में रखा गया है। यह अघोषित इमरजेंसी जैसा है। गौरवतलब है कि अमृतपाल सिंह इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले बेयंत सिंह का बेटा है और वह सीधे तौर पर खालिस्तान आंदोलन से जुड़ा हुआ हैं। एक दर्जन से ज्यादा अपराधों में, जिनमे अवैध असलाहो के साथ पुलिस स्टेशन पर हमला करना और देश की संप्रभुता के विरुद्ध सीधे तौर पर देशद्रोह करने जैसा कृत्य करना भी है। चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा अमृतपाल सिंह के पक्ष में वक्तव्य देने पर तो कांग्रेस के लोग सदन में खामोश बैठे रहे किंतु अन्य उनके झूठे आरोपों के समर्थन में कांग्रेस के लोग खड़े दिखलाए दिए। यदि कांग्रेस नेता राहुल गांधी खालिस्तान के समर्थन से अपनी पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। देश न तो खालिस्तान चाहेगा न तो खालिस्तानियो के समर्थन से ऐसे व्यक्ति को चाहेगा जो इस ढंग से सरकार बनाने की कोशिश करेगा। धिक्कार तो राहुल गांधी और सोनिया गांधी को है जो श्रीमती इंदिरा गांधी जैसी प्रधानमंत्री के हत्यारों के बंशधर के पक्ष में भाषण देने वाले चरणजीत चन्नी को अपने घर का सदस्य मानते हैं।

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