पीयू में जिंदल सॉ लिमिटेड ने किया कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव

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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के सेंट्रल ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के तत्वावधान में जिंदल सॉ लिमिटेड द्वारा कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन गुरुवार को किया गया।
इस अवसर पर कंपनी की ओर से सुरेन्द्र कुमार, मैनेजर एचआर,दिग्विजय तिवारी, मैनेजर (ईएचएस) उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि दिग्विजय तिवारी विश्वविद्यालय के पर्यावरण विभाग के पूर्व छात्र हैं, जिन्होंने वर्ष 2005 में इस परिसर से अध्ययन पूर्ण किया था। अतिथियों का स्वागत विश्वविद्यालय की ओर से अंगवस्त्रम एवं बुके प्रदान कर किया गया।


कार्यक्रम का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जिसमें बी.एससी. (पीसीएम) वर्ग के योग्य छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिंदल सॉ लिमिटेड की भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में सम्पन्न हुई।
पहले चरण में अभ्यर्थियों का एप्टीट्यूड टेस्ट लिया गया, जिसमें रसायन, अंग्रेज़ी, तर्कशक्ति एवं मात्रात्मक योग्यता से संबंधित प्रश्न सम्मिलित थे।
दूसरे चरण में चयनित अभ्यर्थियों का व्यक्तिगत साक्षात्कार (इंटरव्यू) हुआ, जिसमें विषय ज्ञान, संप्रेषण कौशल और तकनीकी समझ का मूल्यांकन किया गया।

कंपनी द्वारा चयनित विद्यार्थियों को ग्रेजुएट ट्रेनी के रूप में मुंद्रा (गुजरात) स्थित निर्माण इकाई में नियुक्त किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि एक वर्ष की होगी, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को ₹29,167 मासिक वजीफा, निःशुल्क आवास एवं कैंटीन में रियायती भोजन सुविधा प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण की सफलतापूर्वक पूर्णता के पश्चात विद्यार्थियों को असिस्टेंट अथवा शिफ्ट सुपरवाइजर के पद पर ₹4,00,000 वार्षिक वेतनमान के साथ अन्य भत्ते एवं बीमा लाभ प्राप्त होंगे। उल्लेखनीय है कि जिंदल सॉ लिमिटेड, भारत की अग्रणी स्टील और आयरन पाइप निर्माता कंपनी है। कंपनी की इस पहल ने न केवल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए नए करियर अवसर खोले, बल्कि भविष्य में निरंतर ऐसे आयोजन करने की कंपनी की गहरी प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित की। इससे दोनों संस्थानों के बीच दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाएं और अधिक सुदृढ़ हुई हैं।


इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उद्योग और शिक्षा जगत के बीच ऐसे प्रयास विद्यार्थियों के करियर निर्माण में मील का पत्थर साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है कि इसके पूर्व छात्र आज प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत होकर पुनः अपने विश्वविद्यालय में नए विद्यार्थियों के लिए अवसर लेकर आ रहे हैं। इस अवसर पर डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. दीप प्रकाश, श्याम त्रिपाठी तथा दिव्यांशु संजय, आयुष गुप्ता, श्रेया मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

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