शोध में एसएलआर के महत्व पर हुई विस्तार से चर्चा

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व्यावहारिक मनोविज्ञान में “सिस्टेमेटिक लिटरेचर रिव्यू” पर हुई कार्यशाला

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यवहारिक मनोविज्ञान विभाग में आज स्नातक, परास्नातक, शोधार्थियों एवं पूर्व छात्रों के लिए “सिस्टेमेटिक लिटरेचर रिव्यू (एसएलआर)” विषय पर एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। विषय विशेषज्ञ के रूप में विभाग के पूर्व छात्र डॉ. सेनट थॉमस, असिस्टेंट प्रोफेसर, क्लिनिकल साइकोलॉजी, इनापोया विश्वविद्यालय, बेंगलुरु उपस्थित रहे।


डॉ. थॉमस ने शोध में एसएलआर के महत्व, उसकी प्रक्रिया, तथा प्रयुक्त होने वाले विभिन्न सॉफ्टवेयर और वेबसाइट की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने बताया कि व्यवस्थित साहित्य समीक्षा का उद्देश्य किसी विशिष्ट शोध प्रश्न पर उपलब्ध साक्ष्यों का निष्पक्ष विश्लेषण और सार तैयार कर भविष्य के शोध की दिशा निर्धारित करना है।


कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. अजय प्रताप सिंह ने की। संचालन प्रशिक्षण कार्यशाला के संयोजक डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन संजीव यादव ने दिया। इस अवसर पर प्रो अजय प्रताप सिंह, पायल, संजीव यादव, सोनाली मिश्रा, श्रुति सिंह, अनुराधा, अर्शिया, पूजा, कुमकुम, श्रेया, प्रीति, उमंग, नैतिक, उमम, ऋतिक, शंभूनाथ आदि उपस्थित रहे।

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