उद्योग की जरूरत के अनुरूप छात्र तैयार करना प्राथमिकता: प्रो. प्रदीप कुमार

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सीटीपीसी की बैठक में विद्यार्थियों के प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों की रूपरेखा पर हुआ मंथन

जौनपुर। युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने और उन्हें रोजगार की बदलती दुनिया के लिए तैयार करने के उद्देश्य से वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ (सीटीपीसी) की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को इन्क्यूबेशन सेंटर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता सीटीपीसी निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार ने की। इस दौरान शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रशिक्षण, प्लेसमेंट और कौशल विकास को लेकर नई रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया।

प्रो. प्रदीप कुमार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योग जगत की बदलती जरूरतों और आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना है। विश्वविद्यालय में छात्र, शिक्षक और उद्योग के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करना प्राथमिकता है, ताकि प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, करियर काउंसलिंग और रोजगार के अवसर अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच सकें।

उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल, संवाद क्षमता और साक्षात्कार की बेहतर तैयारी भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सीटीपीसी की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप और मेगा जॉब फेयर होंगे व्यापक

बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र में स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप, इंडस्ट्री इंटरैक्शन और मेगा जॉब फेयर को व्यापक स्तर पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया। विद्यार्थियों और सीटीपीसी के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए प्रत्येक संकाय में छात्र समन्वयकों की सक्रिय टीम गठित करने की दिशा में भी चर्चा हुई।

बैठक में विद्यार्थियों की ओर से कॉर्पोरेट क्षेत्र की आधुनिक जरूरतों के अनुरूप ‘लाइव इंटरव्यू ऐप्स’ के उपयोग का सुझाव दिया गया। इस पहल को विद्यार्थियों के साक्षात्कार कौशल को विकसित करने और उन्हें वास्तविक रोजगार प्रक्रिया से परिचित कराने की दिशा में उपयोगी कदम बताया गया।

बैठक में डॉ. सुनील कुमार, सुशील कुमार, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. दीप प्रकाश, डॉ. प्रेम चंद यादव, डॉ. कृष्ण यादव, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी, डॉ. अंजनेय मिश्रा, डॉ. अश्मय दुबे, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. साक्षी सिंह, डॉ. निधि पांडेय, डॉ. अवधेश तथा मिथिलेश चौरसिया सहित विभिन्न संकायों के छात्र समन्वयकों ने अपने विचार रखे और विद्यार्थियों के प्रशिक्षण एवं रोजगार से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर सुझाव दिए।

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