रिमोट सेन्सिंग और जीआईएस तकनीक से विकास योजनाओं को मिलेगी गति

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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित, विभिन्न विभागों को तकनीक के उपयोग की दी गई जानकारी

जौनपुर। रिमोट सेन्सिंग एप्लीकेशन्स सेन्टर, उत्तर प्रदेश, लखनऊ (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) की ओर से जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में अधिकारियों को रिमोट सेन्सिंग, जीआईएस एवं जीपीएस तकनीक के व्यावहारिक उपयोग और इसके माध्यम से तैयार डिजिटल डाटाबेस की जानकारी दी गई।

कार्यशाला के दौरान रिमोट सेन्सिंग एप्लीकेशन्स सेन्टर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एम.एस. यादव एवं नरेन्द्र कुमार तथा परियोजना वैज्ञानिक डॉ. जय कुमार मिश्रा एवं सूरज बडजात्या ने विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत रिमोट सेन्सिंग एवं जीआईएस तकनीक के माध्यम से जनपदवार तैयार किए गए डिजिटल डाटाबेस का प्रस्तुतीकरण किया। वैज्ञानिकों ने डाटाबेस की उपयोगिता एवं इसके विभिन्न विभागों में संभावित प्रयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

वैज्ञानिकों ने बताया कि रिमोट सेन्सिंग, जीआईएस एवं जीपीएस तकनीक का उपयोग कृषि, राजस्व, भू-संचय, जल-संचय, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, सिंचाई, जल निगम, नलकूप, सड़क एवं वन सहित विभिन्न क्षेत्रों में किया जा रहा है। अधिकारियों को भुवन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध जानकारियों का उपयोग करने के संबंध में भी बताया गया।

कार्यशाला में लिडार तकनीक के संबंध में भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल (पीएमजीएसपी) के माध्यम से विभिन्न विभागों के डाटाबेस एवं उनके उपयोग की संभावनाओं से अधिकारियों को अवगत कराया गया।

कार्यशाला में समस्त अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, अधिशासी अधिकारी, उप निदेशक कृषि, कृषि रक्षा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, सामाजिक वानिकी विभाग, जिला विद्यालय निरीक्षक, उपायुक्त एनआरएलएम, उपायुक्त मनरेगा, जल निगम, लघु सिंचाई विभाग तथा समस्त खंड विकास अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

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