जनपद न्यायालय में गांधी जयंती पर मूर्ति का अनावरण, मध्यस्थता अभियान को लेकर विधिक संगोष्ठी

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जौनपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर 02 अक्टूबर को जनपद न्यायालय परिसर, जौनपुर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया गया तथा राष्ट्र के नाम मध्यस्थता अभियान-3.0 के प्रचार-प्रसार के लिए ‘गांधीवादी दृष्टिकोण एवं मध्यस्थता : विवाद से संवाद तक’ विषय पर विधिक संगोष्ठी आयोजित हुई।

जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर श्री सुशील कुमार शशि ने फीता काटकर महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया और माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा रामधुन और भजनों का गायन हुआ।

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रति जागरूकता तथा मध्यस्थता अभियान-3.0 के प्रचार-प्रसार के लिए प्रभात फेरी भी निकाली गई। नेहरू बालोद्यान सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जौनपुर के विद्यार्थियों की प्रभात फेरी को जनपद न्यायाधीश ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मध्यस्थता से विवाद का समाधान संभव

जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोजित विधिक संगोष्ठी में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, टीडी लॉ कॉलेज एवं उमानाथ सिंह लॉ कॉलेज के विधि छात्रों ने प्रतिभाग किया। दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह, मंत्री मनीष कुमार सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश प्रताप सिंह, प्रेमशंकर मिश्र, जयप्रकाश सिंह, अब्दुल हक, दीपचन्द्र राम एवं ब्रजभूषण सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने मध्यस्थता के महत्व पर अपने विचार रखे।

बार अध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि अधिवक्ता केवल विधि व्यवसायी ही नहीं, बल्कि समाज का प्रहरी भी है। वरिष्ठ अधिवक्ता जयप्रकाश सिंह ने त्रेतायुग में अंगद तथा द्वापरयुग में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा किए गए मध्यस्थता के प्रयासों का उल्लेख किया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में जनपद न्यायाधीश ने कहा कि घर के बुजुर्गों द्वारा मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान की परंपरा समाज में लंबे समय से रही है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण का प्रभावी माध्यम है। इससे पक्षकारों को सस्ता, सुलभ और शीघ्र न्याय प्राप्त होता है। मध्यस्थता के माध्यम से होने वाले समाधान में किसी पक्ष की हार-जीत नहीं होती और आपसी संबंध भी बेहतर बने रहते हैं।

चार दशक से अधिक पुराने मामले के निस्तारण पर सम्मान

कार्यक्रम के दौरान जनपद जौनपुर में चार दशक से अधिक पुराने मामले को मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारित कराने में योगदान देने वाले न्यायिक अधिकारी श्रीमती दिव्या भारती, वरिष्ठ अधिवक्ता वशिष्ठ नारायण शुक्ला, शीतला प्रसाद सिंह, अधिवक्ता विकास शुक्ला तथा मध्यस्थ श्री सैय्यद जरगाम अहसन को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। संबंधित पक्षकारों को महात्मा गांधी का चित्र भी भेंट किया गया।

कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव द्वितीय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम एवं नोडल अधिकारी मध्यस्थता अभियान श्री अनिल कुमार यादव-I, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट एवं नोडल अधिकारी लोक अदालत श्री रणजीत कुमार, अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत श्री लालचन्द्र गुप्ता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती श्वेता यादव, सिविल जज सीडी/एफटीसी श्री सौरभ श्रीवास्तव सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण, मध्यस्थ, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, पैनल अधिवक्ता, कर्मचारी एवं पीएलवी मौजूद रहे।

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