जौनपुर। मिशन शक्ति अभियान के तहत शारदीय नवरात्रि के अवसर पर पुलिस एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा जनपद में बाल विवाह के विरुद्ध विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। जनपद की आठ स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से आयोजित इस अभियान में लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और बालिका शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के अंतर्गत थाना जलालपुर क्षेत्र के ताला मझवारा स्थित वनवासी बस्ती एवं बीबीपुर प्राथमिक विद्यालय, थाना लाइन बाजार क्षेत्र के धन्नोपुर तथा थाना गौराबादशाहपुर क्षेत्र की गजना नट बस्ती सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए।
ताला मझवारा में आयोजित कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी चंदन राय ने कहा कि शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और गरीबी के दुष्चक्र को तोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए लोगों से बाल विवाह न करने और अपने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने की अपील की।
मानव तस्कर रोधी इकाई के प्रभारी निरीक्षक मुन्ना राम ने बाल विवाह से महिलाओं एवं बालिकाओं को होने वाली शारीरिक, मानसिक और सामाजिक समस्याओं के बारे में बताया। वहीं, महिला कांस्टेबल शिल्पा पांडेय ने महिलाओं एवं किशोरियों को स्वास्थ्य और माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान, वाराणसी की समन्वयक पूनम ने बाल विवाह की रोकथाम में सामुदायिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।
धन्नोपुर स्थित नट बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने तथा निर्धारित न्यूनतम आयु से पहले उनका विवाह न करने की अपील की। उन्होंने बताया कि वर्तमान कानूनी प्रावधानों के अनुसार लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष है।
कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों ने बाल विवाह न करने और अपनी ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने की शपथ ली। साथ ही बाल विवाह से संबंधित किसी भी मामले की जानकारी मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन कार्यालय के कनिष्ठ लिपिक राजकुमार मौर्य, चाइल्ड हेल्पलाइन से विकास बेनुवंशी, वन स्टॉप सेंटर करंजाकला से सुनील यादव सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।












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